आज नवरात्रि के आठवें दिन होती है महाष्टमी, इस दिन करें महागौरी की पूजा
सफेद व पीले पुष्प बेहद प्रिय हैं। ऐसे में उन्हें यही अर्पित करें। फिर मंत्रों का जाप करें। इसके बाद मध्य रात्रि में इनकी पूजा करें। इस दिन कन्याओं को खाना भी खिलाया जाता है। कहा जाता है कि 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्या को ही पूजा जाना चाहिए। इस दिन मां की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं। मां महागौरी बीज मंत्र: श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:। महागौरी मंत्र: माहेश्वरी वृष आरूढ़ कौमारी शिखिवाहना। श्वेत रूप धरा देवी ईश्वरी वृष वाहना।। ओम देवी महागौर्यै नमः। महागौरी माता की आरती: जय महागौरी जगत की माया। जया उमा भवानी जय महामाया।। हरिद्वार कनखल के पासा। महागौरी तेरा वहां निवासा।। चंद्रकली और ममता अंबे। जय शक्ति जय जय मां जगदंबे।। भीमा देवी विमला माता। कौशिकी देवी जग विख्याता।। हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।। सती ‘सत’ हवन कुंड में था जलाया। उसी धुएं ने रूप काली बनाया।। बना धर्म सिंह जो सवारी में आया। तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।। तभी मां ने महागौरी नाम पाया। शरण आनेवाले का संकट मिटाया।। शनिवार को तेरी पूजा जो करता। मां बिग...